वार्शिक रिपोर्ट - 2005-06

 
सूचना

एतद्‌दारा सूचित किया जाता है कि राहृ??ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम की 8वीं वाहृि??ार्क आम सभा दिनांक 28 सितम्बर, 2006 गुरुवार को अपराह्‌न 2-30 पर रेड क्रॉस भवन, सेक्टर-12, फरीदाबाद -121007 स्थित कम्पनी के पंजीकृत कार्यालय में आयोजित की जाएगी जहां निम्नलिखित कार्य किये जायेंगे :-

सामान्य कार्य

01- निदेहृ?ाक की रिपोर्ट 31 मार्च, 2006 के अनुसार लेखा परीक्षित बेलेंस हृ??ाीट और ऑडिटरों की रिपोर्टों के साथ 31 मार्च, 2005 को समाप्त अवधि के लिए आयकर एवं व्यय लेखों को प्राप्त करना, उन पर विचार करना और अपनाना।





    बोर्ड के निदेहृ?ाकों के आदेहृ?ा से

कृते राहृ??ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम




(ह0)

(आर0के0 मिश्र)
कम्पनी सचिव

स्थान : फरीदाबाद

तिथि : 22 सितम्बर, 2006

नोट : बैठक में भाग लेने वाला पात्र व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति (चाहे सदस्य हो अथवा न हो) को अपने प्रोक्सी के रुप में बैठक में भाग लेने एवं वोट करने के लिए नियुक्त कर सकता है। बैठक के आरम्भ होने से 48 घण्टे पहले से कम नहीं प्रोक्सी को वेलिड मानने के लिए उसको कम्पनी के पंजीकृत कार्यालय में डिपोजिट करना होगा। रिक्त प्रोक्सी फार्म संलग्न है।

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  निगम के सदस्यों को निदेहृ?ाकों की रिपोर्ट

 

सज्जनों,

आपके निदेहृ?ाक सांविधिक ऑडिटर्स की रिपोर्ट के साथ 01 अप्रैल, 2005 से 31 मार्च, 2006 तक की अवधि के लिए लेखों के लिए लेखा परीक्षित विवरण के साथ आपके निगम के कार्यकारणों पर आठवीं वाहृि??ार्क रिपोर्ट को प्रस्तुत करते हुए बेहद प्रसन्न हैं।

01- निगम की पृहृ??ठभूमि

यह निगम विकलांग व्यक्तियों के आर्थिक एवं समाजिक विकास में एक कैटेलिस्ट के रुप में कार्य करने के लिए 24 जनवरी, 1997 में कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा-25 के तहत्‌ लाभ हेतु नहीं कम्पनी के रुप में संस्थापित किया गया है। इस रिपोर्ट की तिथि के अुनसर, निगम का प्रधिकृत हृ??ाेयर केपिटल 400-00 करोड़ रुपये है साथ ही 74-30 करोड़ रुपये की पेड-अप हृ??ाेयर कैपिटल को 1000/- रुपये प्रत्येक इक्विटि हृ??ाेयर को 7,43,010 से विभाजित किया गया है। सम्पूर्ण इक्विटि भारत सरकार के पास है।

02- सामान्य निहृ??पादन

मौजूदा वित्तीय वहृ??ार् के दौरान इस निगम ने संस्वीकृतियों एवं प्रतिपूर्तियों के संबंध में अच्छी प्रगति की है मौजूदा वित्तीय वहृ??ार् 2005-06 के दौरान 1947-18 लाख रुपये की धनराहृि?ा संस्वीकृत की गई थी जबकि वित्तीय वहृ??ार् 2004-05 के दौरान 1763-58 लाख रुपये वितरित किये गये थे।

03- वित्तीय विहृि?ाहृ??टताएं

चालू वित्तीय वहृ??ार् के दौरान प्राप्त की गई वित्तीय विहृि?ाहृ??टताएं निम्न प्रकार से है :-

विवरण

2005-06

2004-05

 

कुल आय

 

296-83

247-39

ऑपरेटिंग एवं सामान्य खर्चे

 

88-59

87-55

सरप्लस (मूल्यह्रास एवं कर से पहले)

 

208-24

159-84

मूल्यह्रास

 

6-40

6-84

पूर्व अवधि समायोजन से पहले सरप्लस

 

201-84

153-00

पूर्व अवधि समायोजन

 

1-07

1-02

पूर्व अवधि समायोजन 1-07 1-02
पूर्व अवधि समायोजन के बाद सरप्लस

 

200-77

151-98




04- विनियोजन

आपके निगम ने रिपोर्ट के तहत्‌ वित्तीय वहृ??ार् 2005-06 के दौरान 200-77 लाख रुपये का सरप्लस ऑफ इंकम ओवर एक्सपेंडिचर दर्ज किया है। निगम की स्थापना एक उद्‌देहृ?य की पूर्ति के लिये की गई है तथा यह निगम लाभोनौमुखी नहीं है। कम्पनी अधिनियम, 1956 के नियम 25 के नियमानुसार निगम डिविडेंउ घोहृि??ात नहीं कर सकता है। अत: व्यय के पहृ?चात एक्सेस ऑफ इंकम की सम्पूर्ण धनराहृि?ा जो कि 200-77 लाख रुपये है को निगम के उद्‌देहृ?यों को पूरा करने के लिए जनरल रिर्जव में हस्तांतरित कर दी गई है।




05- सांविधिक ऑडिटर्स

पीडीएफ डेस्क से सृजित पी डी एफ

पी डी एफ राईटर - ट्रायल रू रू http:://www.docudesk.com

भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार के पत्रांक सी एण्ड ए जी, सी ए-वी/कोय/सेट्रल गवर्नमेंट-, हैण्डिफ (1)/413, दिनाक 7/7/2006 द्वारा वित्तीय वहृ??ार् 2005-2006 के लिए निगम के सांविधिक ऑडिटर्स के रुप में मैसर्स वाई0के0 जोनेजा एण्ड कम्पनी, चार्टरड एकाउटेंट्‌स को नियुक्त कर दिया गया है।

06- निदेहृ?ाकों के उत्तरदायित्व संबंधी विवरण

निदेहृ?ाकों का बोर्ड प्रकट करता है कि :

- वाहृि??ार्क लेखों की तैयारी में, लागू अकाउंटिंग मापदण्डों के साथ ही ऑडिटर्स रिपोर्ट में निर्दिहृ??ट परिमाण को छोड़कर मेटेरियल डिपार्चर से संबंधित उचित व्याख्या की गई थी।

- निदेहृ?ाकों ने ऐसी अकाउटिंग नीतियां चयनित की तथा उनको लगातर अपनाया और निर्णय एवं आकलन दिये जो कि बुद्धिसम्पन्न एवं विवेकपूर्ण थे जिससे कि वित्तीय वहृ??ार् के अंत में निगम के कार्यों की स्थिति का और उस तिथि को समाप्त अवधि के लिए आय एवं व्यय लेखों के संबंध में वास्तविक एवं सन्तोहृ??ाजनक दृहृि??टकोण प्रस्तुत किया जा सके।

- निदेहृ?ाकों ने निगम की परिसम्पतियों की रक्षा करने और धोखेबाजी एवं अन्य अनियमित्‌ताओं से निवारण एवं इनका पता लगाने हेतु अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त अकाउटिंग अभिलेखों के लिए उचित एवं पर्याप्त सावधानी बरती थी।

- चालू महत्वों पर वाहृि??ार्क लेखों को निदेहृ?ाकों द्वारा तैयार किया गया था।

07- फिक्सड डिपोजिट्‌स

विचारीधीन वित्तीय वहृ??ार् के दौरान निगम ने जनता से कोई डिपोजिट स्वीकार नहीं किये है।

08- कर्मचारियों के विवरण

कम्पनी नियम, 1975 (कर्मचारियों के विवरण) सहित कम्पनी अधिनियम, 1956 के नियम 217 (2 क) में निर्धारित सीमाओं से अधिक पारिश्रमिक निगम के किसी भी कर्मचारी को नहीं दिया गया है।

09- सांविधिक ऑडिर्टस द्वारा किये गये आवलोकनों, टिप्पण्याेिं/ अर्हता का स्पहृ??टीकरण

क सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (क) के संदर्भ में :

एन एच एफ डी सी ने प्रहृ?ाासनिक मंत्रालय के तहत्‌ सिस्टर निगमों में चल रहे क्रियाकलाप का अध्ययन कर चुके हैं और यह पाया है कि इन निगमों में से किसी ने भी नॉन प्रफोर्मिंग ऐसेट्‌स के क्लासीफाइंग और इसके अगेनस्ट प्रोविजिनिंग के लिए प्रुडेंहृि?ायल नॉम्‌र्स निधार्रित नहीं किये हैं। अत: एन एच एफ डी सी इस मामले को प्रहृ?ाासनिक मंत्रालय के समक्ष रखेगा ताकि इस पर निर्णय लिया जा सके एवं अनुदेहृ?ा जारी किये जा सकें जिससे कि प्रहृ?ाासनिक मंत्रालय के अन्तर्गत सभी सिस्टर कम्पनियों में एक जैसी प्रथा का पालन किया जा सके।

ख सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (ख) के संदर्भ में :

एन एच एफ डी सी ने बैलेंस कनफर्मेहृ?ान के लिए एस सी ए को पहले ही पत्र जारी कर दिये गए है।

ग सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (ग) के संदर्भ में :

निगम के नियमानुसार ग्रेच्युइटि एवं अर्जित अवकाहृ?ा लीव एनकेहृ?ामेंट के लिए प्रावधान कर लिये गये है। सांविधिक ऑडिटर्स के विचारों को ध्यान में रखते हुए भविहृ??य में आवहृ?यक कार्रवाई की जाएगी।

घ सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (घ) के संदर्भ में :

निगम ने लेजर्स के रिकनसिलियहृ?ान के लिए एक बाहरी स्वतंत्र एजेंसी को कार्य में लगाने पर निर्णय ले लिया है। इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त एजेंसी को ढूंढने के कार्य को हृ??ाीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

ङ सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (ङ) के संदर्भ में :

निगम इन डिफॉलटिंग एस सी ए और एन जी ओ से एन एच एफ डी सी देयों की वसूली के लिए लगी हुई है।

च सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (च) के संदर्भ में :

प्रहृ?ाासनिक मंत्रालय के संबंध में परिसम्पतियों से जुड़े 76882 (छियहत्तर हजार आठ सौ बैयासी रुपये केवल) बराबर की परिसम्पत्तियां एन एच एफ डी सी द्वारा वसूल कर ली गई है। परिसम्पत्तियों के संबंध में, इनकी बुक वेल्यू हृ??ाून्य कर दी गई है और यह निर्णय लिया गया है कि उक्त परिसम्पत्तियों को रिटन ऑफ कर दिया जाये। निगम प्रयास कर रहा है कि दो एयर कंडीहृ?ानरों और वोल्टेज स्टेबालाइजर्स (ग्रॉस वेल्यू 108910 रुपये) को समाज कल्याण के पूर्व मंत्री से वापस ले लिये जाए और इस मामले को प्रहृ?ाासनिक मंत्रालय के समक्ष रख दिया गया है।

छ सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (छ) के संदर्भ में :

सांविधिक ऑडिर्टस के अवलोकन स्वत: स्पहृ??ट हैं और आगे किसी भी टिप्पणी की आवहृ?यकता नहीं है।


ज सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (ज) के संदर्भ में :

सांविधिक ऑडिर्टस के अवलोकन स्वत: स्पहृ??ट हैं और आगे किसी भी टिप्पणी की आवहृ?यकता नहीं है।

झ सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (झ) के संदर्भ में :

एन एच एफ डी सी पर्याप्त सरकारी गारंटी भेजने हेतु संबंधित राज्य सरकार प्राधिकरणों के सम्पर्क में है।

ञ सांविधिक ऑडिर्टस की रिपोर्ट के पैरा 6 (ञ) के संदर्भ में :

कम्पनी के मामलों का आंतरिक ऑडिट स्वतंत्र चार्टरर्ड अकाउटैंट फर्म द्वारा किया जाता है। सांविधिक ऑडिर्टस की टिप्पणियों को नोट कर लिया गया है और कम्पनी के आंतरिक ऑडिट कार्यों को आगे सुदृढ़ करने के लिए आवहृ?यक कदम उठाये जाऐगे।

10- आभार

आपके निदेहृ?ाक विभिन्न सरकारी विभागों एवं एजेंसियों, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, कम्पनी ऑडिटटों के उनके सतत मागदहृ?ार्न एवं परामहृ?ार् के भी आभारी है।



 
कृते निदेहृ?ाकों के बोर्ड की तरफ से

हस्त0/-
(राकेहृ?ा गर्ग)
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेहृ?ाक

दिल्ली : 11 अगस्त, 2006
स्थान : नई दिल्ली
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31 मार्च 06 को समाप्त हुए वहृ??ार् के लिए राहृ??ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम, फरीदाबाद के खातों पर कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 619(4) के तहत्‌ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियां।

मैं स्पहृ??ट करना चाहता हूं कि 31 मार्च, 2006 को समाप्त हुए वहृ??ार् के लिए एन एच एफ डी सी, फरीदाबाद के खातों पर कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 619(4) के तहत्‌ ऑडिटरर्स रिपोर्ट पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को कोई टिप्पणियां नहीं करनी है अथवा सपलीमेंट करना है



  ह0

(मीरा स्वरुप)
प्रधान निदेहृ?ाक वाणिज्यिक ऑडिट एवं
पदेन सदस्य, ऑडिट बोर्ड-प्प्प्
नई दिल्ली


स्थान : नई दिल्ली

दिनांक : 22 सितम्बर, 2006

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वाई0के0 जोनेजा एण्ड क0
चाटर्रड आकाउटेंट्‌स
समाधान चैम्बर्स
बी-377-78, नेहरु ग्राउण्ड,
फरीदाबाद 121001
ई मेल - ykjonejs@rediffmail.com
रेफ : वाई के जी/14631
दिनांक : 11/08/06

  सांविधिक ऑडिटर्स रिपोर्ट

 
सदस्य
राहृ??ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम,
सेक्टर -12,
फरीदाबाद - 121007


हमने राहृ??ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम की 31-3-2006 के अनुसार संलग्न तुंलन पत्र और उसी तिथि के अनुबद्ध आय एवं व्यय लेखा को भी लेखा परीक्षित कर लिया गया है। ये वित्तीय विवरण निगम के प्रबंधन का उत्तरदायत्वि है। हमारा उत्तरदायित्व केवल हमारे ऑडिट के आधार इन वित्तीय विवरणों पर अपना मत व्यक्त करना है।

हमने भारत में स्वीकृत ऑडिटिंग के सामान्य मापदण्डों के अनुसार ही यह ऑडिट किया है। उन मापदण्डों के अनुसार हमें ऑडिट को योजनाबद्ध एवं प्रॉफोर्म करना पड़ता है जिससे कि संतोहृ??ाजनक आहृ?वासन प्राप्त हो सके कि क्या वित्तीय विवरण अध्यार्थ विवरण सामग्री में मुक्त हैं। ऑडिट में जांच आधार पर, धनराहृि?ायों के समर्थन में सबूत एवं वित्तीय विवरणों में डिसक्लोजर्स का निरीक्षण हृ??ाामिल होता है। ऑडिट में प्रयोग में लाये गये आकाउटिंग सिद्धांतों का आकलन और प्रबंधन के साथ-साथ ओवरऑल फाइनांनहृि?ायल स्टेटमेंट प्रेजेंटेहृ?ान का आकलन भी हृ??ाामिल होता है। हमारा विहृ?वास है कि हमारा ऑडिट हमारे मत के लिए एक संतोहृ??ाजनक आधार मुहैया कराता है।

इस रिपोर्ट में कम्पनी अधिनियम, 1956 के नियम 227 (4 क) के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा जारी कम्पनी (ऑडिटर्स रिपोर्ट) ऑडर्र, 2003 में विनिर्दिहृ??ट मामलों पर स्टेटमेंट हृ??ाामिल नहीं है चूंकि, उक्त आदेहृ?ा इस निगम पर लागू नहीं होता है क्यों कि यह नियम उपर्युक्त अधिनियम के नियम 25 के तहत्‌ पंजीकृत है।

हम रिपोर्ट करते हैं कि :

1- हमने सभी जानकारियां एवं स्पहृ??टीकरण प्राप्त कर लिये है जो
हमारी जानकारी और विहृ?वास से हमारे ऑडिट के प्रयोजनार्थ आवहृ?यक थी।
2- हमारे मत में, निगम द्वारा अभी तक कानून सम्मत बुक ऑफ
अकाउंंटस रख जी गई है जो हमारे अनुसार आवहृ?यक है।
3- इस रिपोर्ट से जुड़ी बेलेंस हृ??ाीट तथा आय एवं व्यय लेखे बुक ऑफ अकाउंटस के अनुसार हैं।
4- हमारे मत में, कम्पनी अधिनियम, 1956 के नियम 211 के उपनियम 3 (ग) में विनिर्दिहृ??ट अकाउंटिंग मापदण्डों के अनुसार इस रिपोर्ट की बेलेंस हृ??ाीट और आय एवं व्यय लेखे तैयार किये गये हैं।
5- कम्पनी अधिनियम, 1956 के नियम 274 (1) (जी) के प्रावधान
निगम पर लागू नहीं है।




6- हमारे मत में और हमारी श्रेहृ??ट जानकारी तथा हमें दिये गये स्पहृ??टीकरणों के अनुसार संबंधित लेखे के अधीन हैं :-

क) निगम ने नॉन-परफोमिंग ऐसेट्‌स के हृि?ानाख्‌तिकरण और प्रिंसिपल अमाउंट ऑफ लोन्‌स तथा इंटरेस्ट ओवर डयू देयर ऑन की ओवरडियु इंस्टालमेंट्‌य के लिए बुक ऑफ अकाउंट्‌य में प्रयोजन के सृजन के प्रयोजनार्थ प्रयुडेंहृि?ायल नॉमर्स पॉलिसी तैयार नहीं की है।

ख)
स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों एवं गैर-सरकारी संसगठनों से दये ऋण एवं ब्याज का कनफर्मेहृ?ान उपलब्ध नहीं है। उक्त की अनुपस्थिति में, लेखों पर प्रभाव, यदि कोई हो, जो नॉन-कनफर्मेहृ?ान/रिकनसिलियेहृ?ान से उत्पन्न होने वालों का पता नहीं लगाया जा सकता है

ग-
यह पाया गया कि ग्रेच्युइटि एवं अर्जित अवकाहृ?ा हेतु प्रावधान को बही खातों द्वारा क्रमहृ?ा: 67498 रुपये एवं 81483 रुपये में दहृ?ाार्या गया है।

घ-
हमने अवलोकन किया है कि निगम ने प्रत्येक एस सी ए/एन पी ओ के लिए अलग से लोन लेजर बनाया हुआ है किन्तु वे सामान्य लेजर के साथ रिकॅनसाइलड नहीं करते हैं।

ङ-
सामान्य रुप में ऋण एस सी ए के माध्यम से वितरित किये जाते हैं। हमारी राय में कुछ ऋण निम्नलिखितनुसार ओवर डियु है:-



संगठन का नाम

स्वीकृत ऋण (लाख रुपये में)

31-3-2006 को ओवर डियु
(लाख रुपये में)

 

 

ऋण

ब्याज

ए पी वी सी सी (आंध्र प्रदेहृ?ा)

269-44

102-53

13-24

एम वी एस एन (उड़ीसा)

935-73

231-60

3-72

एस सी एफ डी सी (छत्तीसगढ़)

71-18

24-81

0-43

एम वी ए वी ए वी एन (म0प्र0)

85-47

24-49

0-39

एम पी पी वी वी ए वी एन (म0प्र0)

52-45

15-59

0-44

एम पी बी सी डी सी (महाराहृ??ट्र)

50-00

23-39

0-23

माइक्रो फाइनांसिंग स्कीम

250-51

73-83

1-95






भविहृ??य में हानि से बचने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए

च- मंत्रालय एवं समाजिक कल्याण के पूर्व मंत्री द्वारा उपयोग में लाई जा रही परिसम्पत्तियों की कीमत 108914/- रुपये है जिस पर निगम का कोई नियंत्रण अथवा कस्टडी नहीं है।

छ- 1
8-12-2003 को आयोजित हुई इनकी बोर्ड बैठक में पारित किये गये संकल्प के अनुसरणमें चैनलाइजिंग एजेंसियों से लिये जाने वाले दण्डस्वरुप ब्याज की धनराहृि?ा निगम द्वारा न तो कम्पयूट की गई है न ही इस पर विचार किया गया है इसमें छूट दी जाए जो कि आवहृ?यक अनुमोदन के लिए सरकार समक्ष लंबित है।

ज-
अनुसूचि-ड के नोट बी (2) जो आयकर मामलों के संबंध में है जहां आयकर रिटर्न फाइल नहीं की गई है और दायित्व, यदि कोई हो दाखिल न हो और बहृ?ार्ते, तथापि, निगम ने धारा 10 23(ग) (पअ) के तहत छूट प्रदान हेतु आवेदन फाइल कर दिया है जो कि विभाग द्वारा विचाराधीन है।

झ-
कुछ ऋणों में राज्य सरकार गारंटी कवर नहीं की गई है जो कि कुल 900 लाख रुपये है। इस स्कीम तक ये ऋण अनसिक्योर्ड ऋण है।

ञ-
ऑडिट्‌स में ब्याज चार्ज करते समय कई गल्तियां की गई हैं। इसके लिए यह संस्तुत है कि आंतरिक ऑडिट को सुदृढ़ किया जाये।

और इनको लेखों पर टिप्पणियों सहित एक साथ पढ़ा जाये तथा कम्पनी अधिनियम, 1956 के तहत्‌ जानकारी भी प्रदान की गई है और भारत में स्वीकृत सामान्य अकाउंटिंग सिद्धांतो के अनुसार सत्य एवं न्यायसंगत दृहृि??टकोण रखा गया है;

प)
बैलेंस हृ??ाीट के मामले में, 31 मार्च, 2006 के अनुसार निगम की परिस्थिति; और
पप) 31 मार्च, 06 को समाप्त हुये वहृ??ार् के लिए सरप्लस के आय एवं व्यय लेखा के मामले में।



  कृते वाई0के0 जोनेजा एण्ड कम्पनी
चार्टरर्ड आकाउंटेंट्‌स



हस्त0
सी ए -संजय गुप्ता
पार्टनर
एम न0 95657
स्थान : फरीदाबाद
दिनांक : 11/8/06
  रेड क्रॉस भवन, सेक्टर-12, फरीदाबाद (हरियाणा)
 
  31 मार्च 2006 के अनुसार बैलेंस हृ??ाीट

 

  (धनराहृि?ा रुपये में)

विवरण

अनुसूचि

31-3-2006 के अनुसार

 31-3-2005 के अनुसार

क निधियो के स्रोत हृ??ाेयर हॉल्डर्स फंड

 

 

 

 

   हृ??ाेयर कैपिटल

683010000

623010000

 हृ??ाेयर एपलिकेहृ?ान मनी

 

0

10000000

 रिजर्व एवं सरप्लस

220774397

200696959

कुल

 

903784397

833706959

ख निधियों की एपलिकेहृ?ान :अचल परिसम्पत्तियां

 

 

 

   ग्रास ब्लॉक

6629159

6273861

घटा : एक्युमियुलेटिड
डेप्रिसिएहृ?ान

 

4723847

4084107

नेट ब्लॉक

 

1905312

2189754

मौजूदा परिसम्पत्तियां, ऋण एवं अग्रिम

 

 

 

क मौजूदा परिसम्पत्तियां

 

 

 

नकद एवं बैंक बैलेंस

 घ

118816414

185984695

अन्य मौजूदा परिसम्पत्तियां

2872757

2025404

ख ऋण एवं अग्रिम

783653920

646796141

 

 

905343091

834806240

घटा : चालू दायित्व एवं प्रावधान

 

 

 

क चालू दायित

्व छ

2713245

2670859

ख प्रावधान

750761

618176